| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया |
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| चर्चा | चर्चा: ज्ञानरचनावादात शिक्षक “ओछा” होतो का — की जास्त कठीण काम करतो? | उल्का जोशी | 5 |
| चर्चा | चर्चा: परीक्षेच्या दबावात ज्ञानरचनावादी शिकवणे किती शक्य? | महेश चव्हाण | 5 |
| चर्चा | चर्चा: गटकार्य केले म्हणजे ज्ञानरचनावाद झाला का? | संपादक | 6 |
| NEP व धोरण | NEP 2020 आणि ज्ञानरचनावाद — जिल्हा परिषद शाळेत कागद व वर्ग यातील पूल | योगेश थोरात | 3 |
| शिक्षक मार्गदर्शन | पूर्वज्ञान जागे करण्याची ७ तंत्रे — उद्याच्या तासात वापरता येतील | कविता भोसले | 4 |
| मूल्यमापन | ज्ञानरचनावादी मूल्यमापन — फक्त गुण नको, विचार दिसला पाहिजे | प्रिया मोरे | 4 |
| शिक्षक अनुभव | ४५ मुलांच्या वर्गात ज्ञानरचनावाद शक्य आहे का? — प्रामाणिक उत्तर | रमेश जाधव | 5 |
| माध्यमिक शिक्षण | विज्ञान प्रयोगांपूर्वी पूर्वज्ञान जोडणी — अन्यथा प्रयोग “शो” होतो | अनिल शिंदे | 4 |
| ज्ञानरचनावाद | मराठी वर्गात ज्ञानरचनावाद — निबंध “लिहिणे” नव्हे, अनुभव बांधणे | मीना देशमुख | 5 |
| प्राथमिक शिक्षण | गणितात ज्ञानरचनावाद — वाटी, बाजार आणि एका चुकीचा धडा | सुनिता पाटील | 6 |
| ज्ञानरचनावाद | ज्ञानरचनावाद म्हणजे काय? — पुस्तकी व्याख्या नव्हे, वर्गातील भाषा | उल्का जोशी | 7 |